मुंबई। वेटरन एक्ट्रेस शबाना आज़मी एक बार फिर सोशल मीडिया में ट्रोल्स के निशाने पर हैं। इस बार उनके एक पुराने ट्वीट को तोड़मरोड़कर सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है, जो नवरात्रि से भी जोड़ दिया गया है।  शबाना ने अब इस आपत्तिजनक मीम को लेकर सफ़ाई दी है और ऐसा करने वालों को आड़े हाथों लिया है।

पिछले कुछ दिनों से शबाना के नाम का यह मीम सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस पर लिखा है- ”मैं इस नवरात्रि पर अल्लाह से दुआ करती हूं कि किसी लक्ष्मी को भीख ना मांगनी पड़े, दुर्गा की भ्रूण हत्या ना हो, पार्वती को दहेज़ ना देना पड़े, सरस्वती बिना स्कूल के अनपढ़ ना रहे और काली को फेयर एंड लवली की ज़रूरत ना पड़े। इंशाअल्लाह।” इसके साथ सवाल उठाया गया है कि क्या यह तीन तलाक, 4 बीवियां, हलाला, बुरका और जनसंख्या नियंत्रण पर कुछ बोलेंगी। जब शबाना को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इस मीम को अपने ट्वीट में पिरोते हुए लिखा- ”मैंने ये सब कभी नहीं कहा। ट्रोल्स पहले से ही आवेशित वातावरण में ध्रुवीकरण करने के लिए इतना नीचे गिर जाएंगे, यह देखना घिनौना है। मैं सभी महिलाओं के लिए उनके धर्म को देखे बिना काम करती हूं।” मीम पर शबाना आज़मी की तस्वीर है, जिसमें वो आदाब करने वाली मुद्रा में हैं।

शबाना आज़मी के इस ट्वीट के बाद जब हंगामा बढ़ा तो कुछ यूज़र्स उनका एक पुराना ट्वीट निकालकर ले आये, जिसका कंटेंट इस मीम से मिलता-जुलता है। शबाना ने यह ट्वीट 29 सितम्बर 2017 को किया था, जिसमें लिखा गया था- ”इस दुर्गा अष्टमी पर आइए दुआ करें कि किसी दुर्गा की भ्रूण हत्या ना हो, किसी सरस्वती को स्कूल जाने से ना रोका जाए, किसी लक्ष्मी को अपने पति से पैसा ना मांगना पड़े, किसी पार्वती की दहेज़ के लिए ना मारा जाए और किसी काली को फेयरनेस क्रीम की ट्यूब ना दी जाए।”

ज़ाहिर है कि शबाना के दुर्गा अष्टमी पर किये गये लगभग डेढ़ साल पुराने ट्वीट को अब नवरात्रि के मौक़े पर तोड़-मरोड़कर बेहद घटिया तरीक़े से पेश किया जा रहा है। मीम को एक ख़ास समुदाय से जोड़ने के लिए इसमें अल्लाह, इंशाअल्लाह और फेयर एंड लवली जैसे शब्द जोड़ दिये गये हैं।

इस पुराने ट्वीट के सामने आने के बाद शबाना ने एक और ट्वीट किया- ”मैं हमेशा ट्रिपल तलाक के ख़िलाफ़ बोलती रही हूं कि यह अन्याय और ग़लत है। यह भी कहती आयी हूं कि दो बीवियां रखने को 28 से अधिक इस्लामिक देशों ने बैन किया हुआ है, तो भारत जैसे एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र में यह बैन क्यों नहीं होना चाहिए। मैं हमेशा मुस्लिमों और कट्टर हिंदूवादियों के निशाने पर रही हूं। अच्छा है।”

ग़ौरतलब है कि उपरोक्त मीम की भाषा बेहद ख़राब और अपमानजनक है। इसमें वर्तनी और व्याकरण की भी ग़ल्तियां हैं, जो इसे बनाने वालों की शैक्षिक योग्यता पर भी सवाल खड़े करता है। वैसे तो पिछले कुछ सालों से ऐसे मीम की सोशल मीडिया में बाढ़ आयी हुई है, मगर चुनावी माहौल में ऐसे मीम तमाम ग़लतफ़हमियां पैदा कर सकते हैं। इसलिए यह सोशल मीडिया यूज़र्स की भी ज़िम्मेदारी है कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले अच्छी तरह से चीज़ों की पड़ताल कर लें।

वैसे शबाना अकेली ऐसी बॉलीवुड सेलेब्रिटी नहीं हैं, जिनकी आड़ में नफ़रत फैलाने वाले लोग अपना एजेंडा सेट करते रहते हैं। उनसे पहले आमिर ख़ान और शाह रुख़ ख़ान ऐसे लोगों के निशाने पर आ चुके हैं।

आपको याद होगा, कुछ साल पहले जब देश में असहिष्णुता का मुद्दा छाया हुआ था, तब आमिर ख़ान के एक बयान को लेकर काफ़ी बवाल हुआ था। उन्हें देश छोड़ देने तक की नसीहतें दी जाने लगी थीं। शाह रुख़ ख़ान को तो इसका ख़ामियाज़ा उनकी फ़िल्म दिलवाले और फ़ैन के बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शन के रूप में उठाना पड़ा। उनकी फ़िल्मों के बॉयकॉट के लिए कैंपेन चलाये गये थे।

कुछ सेलेब्रिटी ऐसे भी हैं, जिन्हें उनके कपड़ों या च्वाइसेज के लिए टागरेट किया जाता है। प्रियंका चोपड़ा अक्सर सोशल मीडिया ट्रोलिंग का शिकार होती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गयी एक मुलाक़ात के दौरान प्रियंका ने ड्रेस पहनी थी, जिसको लेकर उनकी काफ़ी खिंचाई की गयी थी।