मुंबई। उत्पादक कंपनियों को प्राकृतिक गैस की कीमत तय करने की आजादी मिलनी चाहिए। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी ने कंपनी की सालाना आम बैठक (एजीएम) में यह मांग उठाई है। कंपनी सरकार के साथ गैस कीमत और उत्पादन को लेकर कानूनी लड़ाई में उलझी हुई है। कंपनी पर आरोप है कि उसने केजी बेसिन से गैस उत्पादन को जानबूझकर 5-6 करोड़ घनमीटर से घटाकर दो करोड़ से भी नीचे ला दिया।

मीडिया बिजनेस पर उठे सवाल

एजीएम के दौरान शेयरधारकों ने मुकेश से घाटे वाले मीडिया कारोबार खरीदने और भारी मुनाफे व नकदी के बावजूद डिविडेंड नहीं देने पर सवाल खड़े किए। कंपनी के पास 84 हजार करोड़ रुपये की नकदी जमा है, जो उसकी चुकता पूंजी के 60 गुना से भी अधिक है।

इसके बाद भी कंपनी शेयरधारकों को लाभांश देने की इच्छुक नहीं है और न ही वह कोई बोनस शेयर ही दे रही है। उनकी ओर से मांग रखी गई कि अगली बार कंपनी कम से कम 150 फीसद डिविडेंड का एलान करे।