इंदौर में पकड़ी गई नकली एसआई ने उज्ौन में भी जमकर रौब झाड़ा था। वह यहां खुलेआम वर्दी पहन पिस्टल लगाकर घूमती थी। उसने सभी को बता रखा था कि वह इंदौर क्राइम ब्रांच में पदस्थ है। उसकी इस दंबगई से क्षेत्र के कई लोग प्रभावित रहते थे। यही नहीं वह छह माह पूर्व इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) में सिलेक्ट होने का ढोंग भी रच चुकी थी। उसने बकायदा अपने फोटो समाचार पत्रों मे भी छपवाएं थे। लेकिन इंदौर मे वर्दी पहन पकड़े जाने के बाद उसकी सारी पोल खुल गई।
दौलतगंज के समीप शिकारी गली की रहने वाली शबनम परवीन पिता असलम खान (30) पिछले कई महीनों से पुलिस की वर्दी पहन घूमती थी। क्षेत्र के लोगों की मानें तो अक्सर वह बस से इंदौर जाती थी और वर्दी का रौब दिखाकर किराया भी नहीं देती थी।

रविवार को जब इंदौर के छोटी ग्वालटोली थाने में उसके नकली होने का खुलासा हुआ तो बस के कंडक्टरों को उसकी असलियत पता चल सकी। उसने खुद को आईबी में सिलेक्ट होने का ढोंग रचा था। कुछ माह पहले उसके फोटो के साथ समाचार पत्रों मे यह खबर प्रकाशित हुई थी। पिता की ओर से यह प्रेस रिलीज जारी हुई थी।

गाड़ी पर पुलिस का लोगो
परिजनों ने बेटी के पुलिस मे होने के चलते सभी दो पहिया वाहनों पर पुलिस का लोगो लगवा रखा था, ताकि चेकिंग के दौरान वाहन को स्टाफ का बताकर प्रभाव दिखा सके। उसकी एक्टिवा पर भी पुलिस का “पी” लोगो बना हुआ है।

चाचा हिस्ट्रीशीटर
क्षेत्र के लोगों ने बताया शबनम का चाचा जुबैर खान महाकाल थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर रहा है। पूर्व मे मुंबई व गुजरात पुलिस ने भी अवैध हथियार मे लिप्त रहने के चलते उसे गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह शिकारी गली में नहीं रहता। लेकिन अक्सर उसका यहां आना जाना रहता है। भतीजी के नकली एसआई का भांडाफोड़ होने के बाद कुछ लोगो ने महाकाल पुलिस को भी इसकी सूचना दी, जिस पर पुलिस अपने स्तर से पड़ताल भी कर रही है।

नकली एसआई बनकर उसके उज्जैन में घूमने संबंधी शिकायत नहीं मिली है। यदि उसनें यहां भी वर्दी का गलत इस्तेमाल किया होगा तो हम इसकी जांच कराएंगे। फिलहाल मामले में कार्रवाई इंदौर पुलिस कर रही है।
राजेश व्यास, एएसपी शहर