नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पंपोर के इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (ईडीआई) में हुए आतंकी हमले में सुरक्षा बलों ने जिन 100 लोगों को सुरक्षित निकाला, उसमें आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन का बेटा भी शामिल है। हमले में तीन जवान शहीद हुए थे, जबकि 3 नागरिकों की भी जान गई थी। 3 दिन तक चली मुठभेड़ में सेना ने तीन आतंकियों को मार गिराया था।
ईडीआई ऑफिस में फंसा था मुईन
आतंकियों ने शनिवार को जब हमला बोला तो सलाहुद्दीन का आईटी मैनेजर बेटा सैयद मुईन ईडीआई ऑफिस में फंस गया था। मुईन, सलाहुद्दीन के तीन बेटों में से एक है। पुलिस के मुताबिक, उसका किसी आतंकी संगठन से संबंध नहीं है। 70 वर्षीय सैयद सलाहुद्दीन पाक अधिकृत कश्मीर में रहता है और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के खिलाफ अधिकतर आतंकी हमले करवाने का आरोपी है। तीनों बेटों ने पिता की गतिविधियों से खुद को दूर रखा है।
मीडिया से नहीं की बात
हालांकि मुईद को इंडियन आर्मी के जांबाजों ने बचाया, लेकिन जब मीडिया ने उससे इस बारे में बात करनी चाही तो उसने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। मुईन एक कंपनी में आईटी मैनेजर है। उसके दो भाई मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े हुए हैं। हालांकि, ये तीनों ही किसी भी टेरेरिस्ट एक्टिविटीज से दूर रहते हैं।