नई दिल्ली : उबर बलात्कार मामले के परिणाम स्वरूप राष्ट्रीय राजधानी के सभी टैक्सी चालकों को अपने वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए लैंगिक संवेदनशीलता कार्यक्रम से गुजरना होगा।राज्य सरकार महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में चालकों को संवेदनशील बनाने के लिए कदम उठा रही है परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विशेष कक्षाओं में हिस्सा लेने के बाद टैक्सी चालकों को एक प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा और उसके बाद उन्हें फिटनेस प्रमाण पत्र हासिल करने के दौरान इसे दिखाना होगा। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 22 दिसम्बर से उन्हें पहले लैंगिक संवेदनशीलता कार्यक्रम में भाग लेने का प्रमाण पत्र पेश करना होगा और तब वे उनकी टैक्सियों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करेंगे।   परिवहन विभाग के अनुसार दो घंटे के कार्यक्रम का आयोजन हरेक तरह की टैक्सियों के लिए किया जाएगा। इसमें रेडियो टैक्सी, इकनॉमी टैक्सी और ऑल इंडिया परमिट टैक्सी भी शामिल हैं।

सरकार सभी टैक्सी चालकों के लिए यह अनिवार्य बनाने जा रही है कि वे 22 दिसम्बर से अपने वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए लैंगिक संवेदनशीलता कार्यक्रम में हिस्सा लें। दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं के विरुद्ध ङ्क्षहसा की घटनाएं बढ़ी हैं तथा एक कैब ड्राइवर पर 27 साल की एक महिला से कथित बलात्कार ऐसी नवीनतम घटना है।

मार्केट एक्सेल डाटा मैट्रिक्स ने दिल्ली, नोएडा और गुडग़ांव में जिन 3000 लोगों पर सर्वेक्षण कराया उनमें सभी को महिला सुरक्षा पर बल देने के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए अभियान की जानकारी थी। इन 3000 लोगों में 51 फीसदी पुरुष और 49 फीसदी महिलाएं थीं।