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सत्ता के भूखे हैं केजरीवाल: अन्ना

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जन लोकपाल बिल नहीं पास करवाने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे ने केजरीवाल पर निशाना साधा है। अन्ना ने कहा है कि अरविंद के दिल में देश और समाज नहीं है। उन्हें अब सत्ता की लालच हो गई है। वे थोड़ा-बहुत समझौता करके जन लोकपाल बिल पास करवा सकते थे।

गौरतलब है कि सूबे की सियासत में अरविंद केजरीवाल का आगाज किसी नायक की तरह हुआ था। एक ऐसा चमत्कारिक व्यक्तित्व जिसके पास हर मर्ज की दवा थी। वह आधी कीमत में बिजली दे सकता था, वह समूची दिल्ली को मुफ्त पानी पिला सकता था, वह भ्रष्टाचार को नष्ट कर सकता था, वह सरकारी महकमों में अस्थायी तौर पर कार्यरत साढ़े चार लाख कर्मचारियों को नियमित कर सकता था। लेकिन हुकूमत से जब उनकी विदाई हुई तो अब उन पर चारों ओर से सियासी हमले किए जा रहे हैं।

दिल्ली के सियासी गलियारों में चर्चा यह हो रही है कि यदि फिलहाल जनलोकपाल बिल पारित नहीं ही होता, तो क्या आफत आ जाती? पहले दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले गरीब लोगों को मकान देना जरूरी नहीं था? क्या बिजली-पानी की व्यवस्था को चुस्त करना जरूरी नहीं था? अस्पतालों की खराब हालत को सुधारना जरूरी नहीं था? जानकारों का कहना है कि यदि केंद्र सरकार उनका जन लोकपाल बिल पारित नहीं करती तो केजरीवाल उसके खिलाफ सियासी लड़ाई लड़ सकते थे। लेकिन वह पहले दिन से कहते रहे कि यदि यह बिल पास नहीं होगा तो वे इस्तीफा दे देंगे। इस पर विपक्ष का आरोप है कि असल में मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी जिम्मेदारियों से बचकर निकलने का रास्ता तलाश रहे थे। कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि उन्होंने जितने वादे कर रखे थे, उनको पूरा कर पाना मुमकिन नहीं था। वे शहीद बनकर जनता के सामने जाना चाहते थे।

कथनी और करनी का अंतर

उनके फैसलों की बात करें तो सत्ता संभालते ही उन्होंने बिजली के बिल आधा करने का निर्णय किया। बाद में पता चला कि इसका फायदा केवल 400 यूनिट तक जलाने वाले को मिलेगा। उन्होंने अनधिकृत कॉलोनियों में खर्च करने को नियत 372 करोड़ की राशि सब्सिडी के तौर पर बिजली कंपनियों को थमा दी। यह सब्सिडी तो कोई भी सरकार दे सकती थी। केजरीवाल सरकार ने कहा कि वह सरकार के विभिन्न महकमों में अस्थायी तौर पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित कर देंगे लेकिन बाद में सुर बदल गए। उसने कहना शुरू कर दिया कि बाकायदा परीक्षा होगी और सफल रहने वालों को ही नियमित किया जाएगा।

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पीएम मोदी ने कोरोना से लड़ने के लिए गठित समूहों के साथ की बैठक, देशव्यापी तैयारियों पर की चर्चा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 04 Apr 2020 03:49 PM IST पीएम मोदी पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए गठित समूहों के साथ शनिवार को बैठक की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि पीएम मोदी ने देश में कोरोना वायरस प्रतिक्रिया गतिविधियों की योजना और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए गठित सशक्त समूहों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की। ANI ✔ @ANI Prime Minister Narendra Modi also directed the concerned groups and officials to ensure sufficient production, procurement and availability of all essential medical equipment such as personal protective equipment, masks, gloves and ventilators: Prime Minister’s office https://twitter.com/ANI/status/1246365508225523713 … ANI ✔ @ANI Prime Minister’s office: PM Modi chaired joint meeting of Empowered Groups constituted for planning&ensuring implementation of #COVID19 response activities in country. He reviewed countrywide preparedness regarding availability of hospitals,proper isolation&quarantine facilities. View image on Twitter 265 2:46 PM – Apr 4, 2020 Twitter Ads info and privacy 51 people are talking about this इस दौरान उन्होंने अस्पतालों की उपलब्धता, उचित आइसोलेशन और क्वारंटीन सुविधाओं के बारे में देशव्यापी तैयारियों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी संबंधित चिकित्सा उपकरणों जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), मास्क, दस्ताने और वेंटिलेटर्स के पर्याप्त उत्पादन, खरीद और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित समूहों और अधिकारियों को निर्देश दिया।