लॉर्ड्स टेस्ट में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को पटखनी देकर इतिहास रच दिया है. 1986 के बाद ये पहला मौका जब इस मैदान पर भारत को जीत नसीब हुई है. भारत की इस जीत के हीरो रहे इशांत शर्मा. इशांत की कहर बरपाती गेंदों का मेजबान टीम के बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था. इशांत की घातक गेंदबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूसरी पारी में उन्होंने इंग्लैंड के 7 बल्लेबाजों को अपना शिकार बना डाला. इशांत को उनकी बेहतरीन गेंदबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया.
इस जीत के साथ ही 5 टेस्ट मैचों की श्रृंखला में भारत 1-0 से आगे हो गया है. इशांत ने दूसरी पारी में 23 ओवर गेंदबाजी की और 74 रन देकर 7 विकेट लिए.
मैच के पांचवें दिन इंग्लैंड को जीत के लिए जहां 214 रनों की दरकार थी, वहीं भारत को जीत के लिए छह विकेट चाहिए थे. मैच के पांचवें दिन भारत को जीत के लिए वांछित छह विकेटों में से ईशांत ने अकेले पांच विकेट चटकाए, जबकि जेम्स एंडरसन को अपनी ही गेंद पर रन आउट कर रविंद्र जडेजा ने इंग्लैंड की पारी 88.2 ओवरों में कुल 223 रनों पर समेट दी.
भारत ने इंग्लैंड को चौथी पारी में जीत के लिए रिकॉर्ड 319 रनों का लक्ष्य दिया था. भारत ने पहली पारी में 295 रन और दूसरी पारी में 342 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड पहली पारी में 319 बनाए थे.
मैच के आखिरी दिन पहले सत्र में मोइन अली (39) और जोए रूट (66) के बीच पांचवें विकेट के लिए 101 रनों की साझेदारी ने भारत की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन भोजनकाल से ठीक पहले ईशांत ने मोइन के रूप में पहला विकेट चटकाने के बाद मैच में जबरदस्त वापसी करते हुए करियर का सर्वश्रेष्ठ फिगर हासिल किया और भारत को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 1986 के बाद पहली जीत दिला दी.
ईशांत ने अब तक के करियर की श्रेष्ठ गेंदबाजी की है. इससे पहले उनका श्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन 51 रनों पर छह विकेट था. ईशांत ने करियर में एक बार मैच में 10 विकेट और छह बार पारी में पांच विकेट हासिल किए हैं.
इस बीच रूट ने अपना अर्धशतक पूरा किया। रूट ने 146 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए. इससे पहले मैच के चौथे दिन चौथी पारी में 319 रनों का पीछा करने उतरी इंग्लैंड के शुरुआती चार बल्लेबाजों को 105 रनों के भीतर चलता कर भारतीय गेंदबाजों ने मेजबान टीम को दबाव में ला दिया था.
भारत के लिए पहली पारी में अजिंक्य रहाणे (103) ने शतकीय योगदान दिया, जबकि भुवनेश्वर ने 36 रनो की अहम पारी खेली. भुवनेश्वर ने दूसरी पारी में भी 52 रनों की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली, जो सीरीज में उनका तीसरा अर्धशतक है. 71 गेंदों पर आठ चौका लगाने वाले कुमार ने नॉटिंघम टेस्ट की दोनों पारियों में 58 और नाबाद 63 रनों की पारी खेली थी.
दूसरी पारी में भारत की ओर से मुरली विजय ने सबसे अधिक 95 रनों का योगदान दिया. इसके अलावा रवींद्र जडेजा ने 68 रन बनाए. जडेजा और कुमार ने आठवें विकेट के लिए अहम 99 रन जोड़े. इंग्लैंड की पहली पारी में गैरी बैलेंस (110) और लिएम प्लंकेट (नाबाद 55) ने अहम योगदान दिया था.
दूसरी पारी में भारत की ओर से मुरली विजय ने सबसे अधिक 95 रनों का योगदान दिया. इसके अलावा रवींद्र जडेजा ने 68 रन बनाए. जडेजा और कुमार ने आठवें विकेट के लिए अहम 99 रन जोड़े. इंग्लैंड की पहली पारी में गैरी बैलेंस (110) और लिएम प्लंकेट (नाबाद 55) ने अहम योगदान दिया था.
मैच के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी संजय मांजरेकर ने कहा कि भारत इस जीत का पूरा हकदार था. मांजरेकर ने कहा, ‘इंग्लैंड ने मैच के पांचवें दिन भोजनकाल के बाद खुद हार की ओर कदम बढ़ा दिए, लेकिन पांच दिनों के पूरे मैच को देखा जाए तो भारत इस जीत का असली हकदार था.’
दिग्गज आस्ट्रेलियाई स्पिन गेंदबाज शेन वार्न ने कहा, ‘भारत ने लॉर्ड्स पर इंग्लैंड को करारी मात दी है.’ भारतीय टीम से इन दिनों बाहर चल रहे तेज गेंदबाज आर.पी. सिंह ने तो इसे विदेशी धरती पर भारतीय टीम की सबसे बड़ी जीत कह दिया. आर.पी. सिंह ने अपने ट्विटर खाते पर लिखा, ‘विदेशी धरती पर भारत की सबसे शानदार जीत. भारतीय टीम ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है.’








