आईपीएल के पिछले सीजन में बुकीज एक नए तरीके से करोड़ों रुपए कमा रहे थे। इसमें बुकीज अपने पंटरों को भी मूर्ख बना रहे थे। दरअसल, बुकीज का यह पूरा खेल स्टेडियम में चल रहे मैच और टीवी पर उसके लाइव टेलिकास्ट के बीच जो छह से सात सेकंड का अंतर होता है, उस पर बेस्ड था।
ऐसे समझिए
पिछले दिनों ईडी (Enforcement Directorate) ने आईपीएल-8 के दौरान होने वाली सट्टेबाजी की आशंका के चलते कई जगह छापे मारकर कुछ बुकीज को अरेस्ट किया था। ईडी ने इन लोगों के खिलाफ अहमदाबाद की जिला अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है। चार्जशीट में बताया गया है कि किस तरह बुकीज अपने ही पंटरों को मूर्ख बना रहे थे। चार्जशीट के मुताबिक छोटू जालंधर नामक बुकी के सहयोगी मैच के दौरान पंटरों को फोन पर बॉल-बाइ-बॉल जानकारी देते थे। टीवी पर टेलिकास्ट और स्टेडियम में चल रहे मैच में छह से सात सेकंड का अंतर होता है। इसे तकनीकी तौर पर डिफर्ड लाइव (deferred live) कहते हैं। यानी टीवी पर जो मैच आप लाइव देख रहे हैं उसमें और मैदान पर चल रहे मैच में छह से सात सेकंड का अंतर होता है। मैदान पर जो गेंद फेंकी जा चुकी होती है उसके बाद वह टीवी पर नजर आती है। छोटू जालंधर के सहयोगी अपने पंटरों को इसी गेंद की जानकारी फोन पर दे देते थे और पंटर पहले ही बुकिंग कर चुके होते थे। ईडी के इस दावे की पुष्टि रीतेश बंसल नाम के एक बुकी ने भी की है। रीतेश ने ईडी को बताया कि स्टेडियम से मैच की जानकारी देने वाले पांच लोगों के फोन नंबर्स छोटू ने उसे दिए थे।
पिछले दिनों ईडी (Enforcement Directorate) ने आईपीएल-8 के दौरान होने वाली सट्टेबाजी की आशंका के चलते कई जगह छापे मारकर कुछ बुकीज को अरेस्ट किया था। ईडी ने इन लोगों के खिलाफ अहमदाबाद की जिला अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है। चार्जशीट में बताया गया है कि किस तरह बुकीज अपने ही पंटरों को मूर्ख बना रहे थे। चार्जशीट के मुताबिक छोटू जालंधर नामक बुकी के सहयोगी मैच के दौरान पंटरों को फोन पर बॉल-बाइ-बॉल जानकारी देते थे। टीवी पर टेलिकास्ट और स्टेडियम में चल रहे मैच में छह से सात सेकंड का अंतर होता है। इसे तकनीकी तौर पर डिफर्ड लाइव (deferred live) कहते हैं। यानी टीवी पर जो मैच आप लाइव देख रहे हैं उसमें और मैदान पर चल रहे मैच में छह से सात सेकंड का अंतर होता है। मैदान पर जो गेंद फेंकी जा चुकी होती है उसके बाद वह टीवी पर नजर आती है। छोटू जालंधर के सहयोगी अपने पंटरों को इसी गेंद की जानकारी फोन पर दे देते थे और पंटर पहले ही बुकिंग कर चुके होते थे। ईडी के इस दावे की पुष्टि रीतेश बंसल नाम के एक बुकी ने भी की है। रीतेश ने ईडी को बताया कि स्टेडियम से मैच की जानकारी देने वाले पांच लोगों के फोन नंबर्स छोटू ने उसे दिए थे।





