देश

मिस्र की इमान अहमद अब्दुलाती का वजन 500 किलोग्राम है उपचार के लिए आज मुंबई पहुंच गई हैं

मुंबई

:

आपको शायद यकीन न हो कि मिस्र की इमान अहमद अब्दुलाती का वजन 500 किलोग्राम है. 36 साल की इमान 25 साल से अलेक्जेंड्रिया स्थित अपने घर से बाहर नहीं निकली हैं. लेकिन अब वह अपना वजन कम कराने के उपचार के लिए आज मुंबई पहुंच गई हैं. उन्हें लाने के लिए विमान में विशेष इंतजाम किए गए थे. एक स्पेशल बैड भी बनाया गया था,जिसके जरिए उन्हें विमान से उतारा गया. उसके बाद एक विशेष ट्रक के जरिए उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया.
वह अपने भीमकाय आकार की वजह से बिस्तर से उठने या हिलने-डुलने में भी असमर्थ है. भोजन करने, कपड़े बदलने और साफ-सफाई समेत अन्य दैनिक कार्यों के लिए वह अपनी मां और बहन चायमा अब्दुलाती पर निर्भर है. अल अरबिया के मुताबिक जन्म के समय ही उसका वजन असामान्य रूप से 5 किलोग्राम था. डॉक्टरों ने उसे एलिफेंटाइसिस से पीड़ित पाया. यह एक परजीवी संक्रमण है, जिसमें पिंडलियों में काफी सूजन आ जाती है. डॉक्टरों ने यह भी बताया कि ग्लैंड्स (ग्रंथियों) में गड़बड़ी के चलते उसके शरीर में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो जाता है.
इमान जब छोटी थी, तब वह अपने हाथों के सहारे इधर-उधर घूम-फिर लेती थी, लेकिन 11 साल की उम्र होते-होते वह अपने भारी वजन के कारण खड़ी नहीं हो पाती थी और घर में सिर्फ खिसक पाने में सक्षम रही. सेरेब्रल स्ट्रोक होने के बाद उसे प्राइमरी स्कूल छोड़ना पड़ा और वह पूरी तरह से बिस्तर पर रहने लगी. उसके बाद से इमान बिल्कुल शिथिल और कुछ भी कर पाने में असमर्थ होकर सिर्फ अपने घर में ही पड़ी रहती है.

अब इमान मुंबई के बैरिएट्रिक सर्जन मुफ्फजल लकड़ावाला और उनकी टीम के डॉक्टरों की निगरानी में उपचार करा रही हैं. लकड़ावाला के एक सहयोगी ने बताया कि वह और उनकी टीम द्वारा पिछले करीब तीन महीने से उसका उपचार किया जा रहा है. मिस्र के एलेक्जेंद्रिया शहर की रहने वाली इमान को लाने के लिए सभी एहतियाती उपाय किए गए हैं.  उन्होंने कहा, इमान को उसके मामले की जटिलता को देखते हुए मुंबई लाना चुनौतिपूर्ण है क्योंकि वह अत्यधिक जोखिम वाली मरीज है जो पिछले 25 साल से अपने घर से निकल भी नहीं पाई हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमान को मुंबई लाने के लिए कोई भी एयरलाइन तैयार नहीं थी, जिसके बाद डॉक्टर लकड़वाला ने सुषमा स्वराज को ट्वीट कर मदद मांगी. सुषमा ने उन्हें तुरंत मदद मुहैया करवाई.

देश

नई दिल्ली. यहां पुलिस की गिरफ्त में आए 38 साल के एक टेलर ने चौंकाने वाला गुनाह कबूल किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने 12 साल में करीब 500 बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाया है और करीब 2500 नाबालिगों से रेप की कोशिश की है। आरोपी सुनील रस्तोगी पांच बच्चों का पिता है। उसे 2 बच्चियों से रेप की कोशिश करने के मामले में शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। 6 महीने की सजा काट चुका… – डीसीपी ओमवीर सिंह बिश्नोई ने बताया कि सुनील ज्यादातर 8 से 10 साल की स्कूल आती-जाती बच्चियों को निशाना बनाता था। – वह उनसे कहता था कि तुम्हारे पापा तुम्हें बुला रहे हैं, कुछ सामान देना है। इस तरह नाबालिग बच्चियां उसके झांसे में आ जाती थीं। – वह मौका पाकर किसी सुनसान जगह पर बच्चियों से रेप करता था। – रस्तोगी ने ज्यादातर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घटनाओं को अंजाम दिया है। – 2006 में ऐसे ही एक मामले में वह उत्तराखंड की रुद्रपुर जेल में छह महीने की सजा काट चुका है। दिल्ली में टेलर की दुकान पर करता था काम – पुलिस के मुताबिक, सुनील ने कुछ वक्त तक ईस्ट दिल्ली में एक टेलर की दुकान पर काम किया था। – पुलिस अब उससे छह मामलों में पूछताछ कर रही है। इनमें 3 केस दिल्ली के, दो रुद्रपुर और एक बिलासपुर का है। – 2004 में उसने दिल्ली के मयूर विहार में पड़ोसी की बेटी से छेड़छाड़ की थी। तब उसे और उसके परिवार को मारपीट कर वहां से भगा दिया गया था। – पुलिस ने बताया कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला है। वह अभी उत्तराखंड के रुद्रपुर में रह रहा था। – उसकी शादी हो चुकी है। उसके दो बेटे और तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी 15 साल की है। ऐसे गिरफ्तार हुआ आरोपी – सुनील ने 13 दिसंबर को स्कूल से लौट रही 10 साल की एक नाबालिक को अगवा कर उसका सेक्शुअल हैरेसमेंट किया। – बच्ची ने पहले तो घटना के बारे में किसी को नहीं बताया, लेकिन उसके बर्ताव में बदलाव देख पेरेंट्स ने पूछा तो उसने अापबीती बता दी। – इसके बाद बच्ची के बताए हुलिए के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। – 12 जनवरी को अशाेक विहार में 9 और 10 साल की दो बच्चियों को अगवा करने की शिकायत आई। वे भी ट्यूशन से लौट रही थीं। सुनील ने उन्हें नए कपड़े दिलाने का लालच दिया था। – बाद में वह दोनों को अंडर कंस्ट्क्शन बिल्डिंग में ले गया और उनके साथ रेप की कोशिश की। लेकिन बच्चियों के चीखने पर वहां से फरार हो गया। – डीसीपी ओमवीर सिंह बिश्नोई ने बताया कि इस घटना के बाद न्यू अशोक नगर पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए एक टास्क फोर्स टीम बनाई। बाद में सुनील को कोंडली गांव से गिरफ्तार किया गया। सीरियल रेपिस्ट को 3 साल से तलाश रही थी पुलिस – एक पुलिस अफसर ने बताया कि इस सीरियल रेपिस्ट की पुलिस को 2013 से तलाश थी। तब दिल्ली के न्यू अशोक विहार नगर पुलिस को दो नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ की शिकायत मिली थी। – दोनों मामलों में नाबालिगों ने बताया कि आरोपी लाल जैकेट और ब्लू जींस पहने था। उसने बच्चियों को नए कपड़े दिलाने का लालच दिया था। – बच्चियों ने यह भी बताया कि जब वे आरोपी से छोड़ देने की मिन्नतें कर रही थीं, तब वह हंस रहा था। – पुलिस ने इस सीरियल रेपिस्ट की तलाश में नॉर्थ इंडिया की जेलों में बंद या वहां से रिहा हुए कैदियों का डाटाबेस देखा। डोर-टू-डोर सर्च की गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। उसका स्केच बनाया गया। – पुलिस ने वेंडर्स, रिक्शा चालक और शॉपकीपर्स से पूछताछ की। इनका दावा था कि बताए गए हुलिए जैसा शख्स उन्होंने देखा है। – पुलिस ने 100 सस्पेक्ट्स की एक लिस्ट तैयार की। फिर एक-एक स्केच और फोटो की पड़ताल करने के बाद तीन संदिग्धों को चुना। – आखिरकार, पुलिस को कामयाबी मिली और आरोपी उसकी पकड़ में आ गया।