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पाकिस्तान के पाले हुए आतंकी मसूद अजहर पर वैश्विक प्रतिबंध

पाकिस्तान का पाला हुआ मसूद अब कहीं यात्रा नहीं कर सकेगा। किसी तरह की आर्थिक गतिविधि की भी इजाजत नहीं होगी और हथियारों की पहुंच भी उस तक नहीं हो सकेगी।

भारत को कई बड़े घाव देने वाले आतंकी जैश-ए-मुहम्मद सरगना मसूद अजहर को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की अगुआई में भारत वैश्विक आतंकवादी घोषित करने में कामयाब रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। पाकिस्तान का पाला हुआ मसूद अब कहीं यात्रा नहीं कर सकेगा। किसी तरह की आर्थिक गतिविधि की भी इजाजत नहीं होगी और हथियारों की पहुंच भी उस तक नहीं हो सकेगी।

चौथी बार पेश हुआ था प्रस्ताव
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने जैश-ए-मुहम्मद सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था। पिछले 10 वर्षो में यूएन में यह चौथा मौका था जब इस तरह का प्रस्ताव पेश किया गया। इससे पहले 2009 और 2016 में भारत ने यूएन के सेक्शन कमेटी 1267 में अजहर पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पेश किया था। यही आतंकी सरगना पठानकोट वायुसैनिक अड्डे पर जनवरी 2016 में हुए हमले का भी मास्टरमाइंड था। 2016 के प्रस्ताव में भारत के साथ पी3 देश थे। उस समय अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने साथ दिया था। 2017 में इन्हीं पी3 देशों ने यूएन में ऐसा ही प्रस्ताव पेश किया था। लेकिन हमेशा की तरह चीन ने यूएन में प्रस्ताव मंजूर होने की राह में रोड़े अटका दिए थे। हालांकि चीन की तरफ से अभी तक अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के इस नए प्रस्ताव पर कोई बयान नहीं आया है।


आर्थिक चोट

  • UN के सदस्य देशों द्वारा उसके वित्तीय स्रोत को खत्म करने में मदद मिलेगी। आर्थिक स्नोत को पूरी तरह सीज करना होगा।
  • सदस्य देशों को अपने यहां मौजूद किसी भी संपत्ति को जब्त करना होगा और संबंधित व्यक्ति या उसकी संस्थाओं के आर्थिक संसाधनों को ब्लॉक करना होगा।
  • UN से जुड़े किसी भी देश के लोग आतंकी अजहर को किसी तरह की मदद नहीं पहुंचा सकेंगे।

पहले भी लग चुके कई प्रतिबंध

  • पाकिस्तान ने जैश-ए-मुहम्मद को 2002 में गैरकानूनी घोषित किया था। तब इसने अपने संगठन का नाम बदलकर खुद्दम-उलइस्लाम रख लिया था। खुद्दम-उल-इस्लाम को भी 2003 में पाक सरकार ने बैन करने का दावा किया था। इसके बाद इस संगठन ने अपने को अल ट्रस्ट के रूप में स्थापित किया।
  • अमेरिका ने दिसंबर 2001 में जैश को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
  • 2001 में ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जैश को 1267 प्रतिबंधित आतंकी समूह की सूची में शामिल किया था।

चीन का अड़ंगा

जब-जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश के सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने की कोशिश की है चीन ने बार-बार रोड़ा अटकाया है।

उस समय चीन ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वीटो करने का एलान कर किया। इससे पहले चीन हिज्बुल- मुजाहिद्दीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन, लश्कर के आतंकी अब्दुल रहमान मक्की और आजम चीमा को यूएन द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के भारत के प्रस्ताव पर रोड़ा अटका चुका है।

यात्रा पर प्रतिबंध का असर

प्रतिबंध लगने के बाद आतंकी मसूद अजहर यूएन के किसी भी सदस्य राष्ट्र की यात्रा नहीं कर सकेगा।

हथियारों पर प्रतिबंध का असर

यूएन के सभी सदस्य देशों को अपने हथियारों, उसके निर्माण की तकनीक, स्पेयर पार्ट्स की बिक्री या फिर उस तक पहुंच को रोकना होगा।

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नई दिल्ली. यहां पुलिस की गिरफ्त में आए 38 साल के एक टेलर ने चौंकाने वाला गुनाह कबूल किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने 12 साल में करीब 500 बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाया है और करीब 2500 नाबालिगों से रेप की कोशिश की है। आरोपी सुनील रस्तोगी पांच बच्चों का पिता है। उसे 2 बच्चियों से रेप की कोशिश करने के मामले में शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। 6 महीने की सजा काट चुका… – डीसीपी ओमवीर सिंह बिश्नोई ने बताया कि सुनील ज्यादातर 8 से 10 साल की स्कूल आती-जाती बच्चियों को निशाना बनाता था। – वह उनसे कहता था कि तुम्हारे पापा तुम्हें बुला रहे हैं, कुछ सामान देना है। इस तरह नाबालिग बच्चियां उसके झांसे में आ जाती थीं। – वह मौका पाकर किसी सुनसान जगह पर बच्चियों से रेप करता था। – रस्तोगी ने ज्यादातर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घटनाओं को अंजाम दिया है। – 2006 में ऐसे ही एक मामले में वह उत्तराखंड की रुद्रपुर जेल में छह महीने की सजा काट चुका है। दिल्ली में टेलर की दुकान पर करता था काम – पुलिस के मुताबिक, सुनील ने कुछ वक्त तक ईस्ट दिल्ली में एक टेलर की दुकान पर काम किया था। – पुलिस अब उससे छह मामलों में पूछताछ कर रही है। इनमें 3 केस दिल्ली के, दो रुद्रपुर और एक बिलासपुर का है। – 2004 में उसने दिल्ली के मयूर विहार में पड़ोसी की बेटी से छेड़छाड़ की थी। तब उसे और उसके परिवार को मारपीट कर वहां से भगा दिया गया था। – पुलिस ने बताया कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला है। वह अभी उत्तराखंड के रुद्रपुर में रह रहा था। – उसकी शादी हो चुकी है। उसके दो बेटे और तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी 15 साल की है। ऐसे गिरफ्तार हुआ आरोपी – सुनील ने 13 दिसंबर को स्कूल से लौट रही 10 साल की एक नाबालिक को अगवा कर उसका सेक्शुअल हैरेसमेंट किया। – बच्ची ने पहले तो घटना के बारे में किसी को नहीं बताया, लेकिन उसके बर्ताव में बदलाव देख पेरेंट्स ने पूछा तो उसने अापबीती बता दी। – इसके बाद बच्ची के बताए हुलिए के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। – 12 जनवरी को अशाेक विहार में 9 और 10 साल की दो बच्चियों को अगवा करने की शिकायत आई। वे भी ट्यूशन से लौट रही थीं। सुनील ने उन्हें नए कपड़े दिलाने का लालच दिया था। – बाद में वह दोनों को अंडर कंस्ट्क्शन बिल्डिंग में ले गया और उनके साथ रेप की कोशिश की। लेकिन बच्चियों के चीखने पर वहां से फरार हो गया। – डीसीपी ओमवीर सिंह बिश्नोई ने बताया कि इस घटना के बाद न्यू अशोक नगर पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए एक टास्क फोर्स टीम बनाई। बाद में सुनील को कोंडली गांव से गिरफ्तार किया गया। सीरियल रेपिस्ट को 3 साल से तलाश रही थी पुलिस – एक पुलिस अफसर ने बताया कि इस सीरियल रेपिस्ट की पुलिस को 2013 से तलाश थी। तब दिल्ली के न्यू अशोक विहार नगर पुलिस को दो नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ की शिकायत मिली थी। – दोनों मामलों में नाबालिगों ने बताया कि आरोपी लाल जैकेट और ब्लू जींस पहने था। उसने बच्चियों को नए कपड़े दिलाने का लालच दिया था। – बच्चियों ने यह भी बताया कि जब वे आरोपी से छोड़ देने की मिन्नतें कर रही थीं, तब वह हंस रहा था। – पुलिस ने इस सीरियल रेपिस्ट की तलाश में नॉर्थ इंडिया की जेलों में बंद या वहां से रिहा हुए कैदियों का डाटाबेस देखा। डोर-टू-डोर सर्च की गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। उसका स्केच बनाया गया। – पुलिस ने वेंडर्स, रिक्शा चालक और शॉपकीपर्स से पूछताछ की। इनका दावा था कि बताए गए हुलिए जैसा शख्स उन्होंने देखा है। – पुलिस ने 100 सस्पेक्ट्स की एक लिस्ट तैयार की। फिर एक-एक स्केच और फोटो की पड़ताल करने के बाद तीन संदिग्धों को चुना। – आखिरकार, पुलिस को कामयाबी मिली और आरोपी उसकी पकड़ में आ गया।